श्रीलंका की पयर्टकों को लुभाने की नई कोशिश
कोलंबो, 22 जुलाई (आईएएनएस)। श्रीलंका के उत्तरी भाग में जहां 25 वर्षो के लंबे समय तक चले जातीय संघर्ष पर दो महीने पहले ही तमिल चीतों की हार के बाद विराम लगा है, कई दर्शनीय समुद्र तट अब पर्यटन के लिए तैयार है।
श्रीलंका टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी के महानिदेशक एस. कलईसेल्वम के मुताबिक अब एलटीटीई (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) का अंत हो चुका है और श्रीलंका के उत्तरी हिस्से को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है।
यद्यपि अभी इस क्षेत्र में केवल कुछ गेस्ट हाउस हैं, जिनमें 50 कमरों की ही सुविधा है, लेकिन अगले दो सालों में इसे विस्तृत करने की योजना है।
कलईसेलवम का कहना है कि दो वर्ष के में यहां 1,000 कमरे तैयार होने की उम्मीद है। यहां निजी क्षेत्रों द्वारा होटल विकसित करने की दिशा में अपार संभावनाएं हैं क्योंकि यहां पर्यटकों की बड़ी संख्या में आमद की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि श्रीलंका में भूमि का लगभग 11 फीसदी हिस्सा ऐसा है जहां पर्यटन प्रायोगिक रूप से एकदम नदारद है। ये एक बड़ा हिस्सा है, जहां कई खूबसूरत समुद्र तट हैं, जिन्हें पर्यटक पसंद करेंगे।
गौरतलब है कि श्रीलंका की सरकार प्राथमिकता के आधार पर ए-9 हाईवे को दोबारा तैयार कर रही है जो राजधानी कोलंबो को उत्तरी क्षेत्र से जोड़ता है।
हाईवे के अगले 3 महीने में तैयार हो जाने की उम्मीद है। इससे पर्यटकों को सहूलियत होगी।
इसके अतिरिक्त जाफना के लिए उड़ानों की संख्या को बढ़ाकर प्रति सप्ताह तीन से छह तक किया जाएगा। साथ ही कोलंबो से लेकर उत्तरी क्षेत्र तक के लिए समुद्री यात्रा की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। एक पूरा दिन नाव या जहाज पर बिताना पर्यटकों के लिए एक सुखद अनुभव होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
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