एसएमएस भेजने पर सजा नहीं: गिलानी

तीन मंत्री पद से हटेंगे
इसके अलावा गिलानी ने राष्ट्रपति के नजदीकी तीन मंत्रियों को पद से हटाने की धमकी भी दे दी।विवाद की शुरुआत तब हुई जब गिलानी ने फ्रांस में देश के राजदूत के रूप में जहांजेब खान की नियुक्ति को रद्द कर दिया। उनकी नियुक्ति जरदारी ने की थी। गिलानी ने कहा कि जहांजेब की नियुक्ति से पहले उनसे परामर्श नहीं किया। साथ ही नियुक्ति तब की गई जब वह गुट निरपेक्ष आंदोलन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मिस्र के शर्म अल-शेख शहर में थे।
सोमवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में गिलानी ने कहा,"बहुत हो चुका। पिछले एक वर्ष से मैं अपने मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन कर रहा हूं। अब मैं योग्यता के आधार पर कुछ बदलाव करूंगा, किसी व्यक्ति की पसंद और नापसंद के आधार पर नहीं क्योंकि मैं 17 करोड़ से अधिक लोगों वाले देश को चलाने के लिए जिम्मेदार हूं।"
रहमान मलिक के आदेश पर रोक
गिलानी ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन स्पष्ट है कि "कोई व्यक्ति" जरदारी ही हैं। एक अन्य घटना में गिलानी ने सरकार विरोधी खासकर जरदारी विरोधी ई-मेल और एसएमएस भेजने पर जेल की सजा के प्रावधान के आतंरिक मंत्री रहमान मलिक के आदेश के अमल पर रोक लगा दी।
जरदारी ने भी सोमवार को जवाबी हमला करते हुए संकेत दिया कि वह चार प्रांतों में जिला नाजिमों के स्थान पर प्रशासक नियुक्त करने के गिलानी के प्रस्ताव से सहमत नहीं होंगे।
पाकिस्तान में नाजिम, मेयर के समान होते हैं और कस्बों और शहरों में प्रशासन का समन्वय करते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा भेजी गई प्रांतों की मांग की समीक्षा करने के बाद राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि स्थानीय प्रशासन में किसी भी बदलाव के लिए संसद की मंजूरी आवश्यक है। जरदारी के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने कहा कि राष्ट्रपति का दृष्टिकोण है कि स्थानीय शासन व्यवस्था को छठीं अनुसूची के तहत संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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