नकली रुद्राक्ष से नेपाली व्यापारी परेशान

Rudraksh Trade
काठमांडू। भारत में बन रहे नकली रुद्राक्ष से नेपाल का रुद्राक्ष व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सस्ता होने के कारण अब नकली रुद्राक्ष की मांग बढ़ गई है जिससे नेपाल के कई रुद्राक्ष व्यापारियों को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ा। इसके अलावा इससे नेपाली रुद्राक्ष की साख और विश्वसनीयता में भी तेजी से गिरावट आई है।

काठमांडू की प्रमुख ऑनलाइन रुद्राक्ष दुकानदारों का कहना है कि ऊंची कीमतों और सस्ते नकली माल की बाढ़ के कारण उन्हें अपना व्यापार बंद करना पड़ा। रुद्राक्ष एकमुखी से लेकर 21 मुखी तक होते हैं। क्षेत्री ने बताया कि 21 मुखी रुद्राक्ष सबसे दुर्लभ है।

एक वर्ष में केवल एक या दो 21 मुखी रुद्राक्ष विकसित होते हैं परंतु बाजार उनके 1000 से अधिक नकली प्रतिरूपों से भरा है। इस समय 21 मुखी रुद्राक्ष की कीमत 30 लाख नेपाली रुपये है जो केवल तीन वर्ष पहले 250,000 रुपये थी।

इसलिए खरीदार नकली रुद्राक्ष का चयन कर रहे हैं, जो बहुत सस्ता है। नकली रुद्राक्षों का निर्माण हरिद्वार, वाराणसी और मुंबई में हो रहा है। अब तो नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के समीप भी नकली रुद्राक्ष तैयार होने लगे हैं।

इसके अलावा नेपाल सरकार रुद्राक्ष की बिक्री पर दो प्रतिशत कर लगा रही है। व्यापारियों को डर है कि इससे नकली माल में और वृद्धि होगी। पिछले वर्ष नेपाल में वास्तविक रुद्राक्ष का व्यापार 10 करोड़ नेपाली रुपये से ऊपर था।

मुकुंद खाटीवाडा, जिनका परिवार पिछले 40 वर्ष से रुद्राक्ष व्यापार में लगा है, ने कर का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सरकार को नकली माल की रोकथाम और रुद्राक्ष व्यापार की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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