वायुसेना पायलट ने सूर्य की छाया को कैद किया था!
मुखर्जी फिलहाल वायुसेना मुख्यालय में एयर ऑफिसर इंचार्ज पर्सनल हैं और वर्ष 1995 में वह आईएएफ के मिग-25 के कमांडिंग ऑफिसर थे और बरेली में तैनात थे। उस समय उन्होंने सूर्य ग्रहण को दर्ज करने के लिए उड़ान भरी थी। उन्हें 80,000 फुट की ऊंचाई से सूर्य के प्रभामंडल की तस्वीर उतारने का अनोखा अवसर प्राप्त हुआ था।
अपनी ऐतिहासिक उड़ान को याद करते हुए मुखर्जी कहते हैं, "राजस्थान के सीकर जिले में नीम का थाना के ऊपर हमने सूर्य के मध्य अक्ष के साथ 80,000 फुट की ऊंचाई पर सूर्य ग्रहण के रास्ते में 2.5 मैक की गति से उड़ान भरी थी।"
मुखर्जी ने कहा, "मौसम और दृश्यता की कोई चिंता नहीं थी, क्योंकि स्ट्रैटोस्फीयरिक स्तर पर स्पष्टता धरती के पास की स्पष्टता से ज्यादा बेहतर होती है।"
मुखर्जी ने कहा, "उड़ान के लिए काफी तैयारी की गई थी। विमान के विशाल कैमरे को सतह के नीचे से छाया को कैद करना था। वह छाया 85 किलोमीटर के दायरे में थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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