कौमार्य परीक्षण पर मध्य प्रदेश को एनएचआरसी का नोटिस
आयोग ने मीडिया रिपोर्टों का स्वत: संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को 17 जुलाई को नोटिस भेजा और चार हफ्तों के भीतर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शहडोल जिले में आयोजित सामूहिक विवाह से पहले इसमें शामिल 151 लड़कियों को कौमार्य परीक्षण के लिए बाध्य किया गया। यह मानव अधिकारों का उल्लंघन है।
यह घटना 30 जून को हुई और मीडिया में यह 13 जुलाई को सामने आई। सामूहिक विवाह से पहले एक दुल्हन को प्रसव पीड़ा होने लगी इससे वहां उपस्थित अन्य लोग सकते में आ गए।
राज्य सरकार ने इसके बाद दुल्हनों के कौमार्य और गर्भ परीक्षण कराने के आदेश दिए, इनमें 14 अन्य महिलाओं के गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 138 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीब परिवारों की कन्याओं के विवाह में वित्तीय मदद के लिए यह योजना आरंभ की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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