भारतीय नकली माल से नेपाल का रुद्राक्ष व्यापार चौपट
काठमांडू, 21 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल का प्रसिद्ध रुद्राक्ष व्यापार भारत में बनने वाले नकली रुद्राक्षों की बाढ़ के कारण संकट में है। नेपाल के व्यापारी रुद्राक्ष व्यापार की साख और विश्वसनीयता में तेज गिरावट से परेशान हैं।
काठमांडू की दो प्रमुख ऑनलाइन रुद्राक्ष दुकानों में से एक के मालिक अनुज क्षेत्री (बदला हुआ नाम)को ऊंची कीमतों और सस्ते नकली माल की बाढ़ के कारण अपना व्यापार बंद करना पड़ा।
रुद्राक्ष एकमुखी से लेकर 21 मुखी तक होते हैं। क्षेत्री ने बताया कि 21 मुखी रुद्राक्ष सबसे दुर्लभ है। एक वर्ष में केवल एक या दो 21 मुखी रुद्राक्ष विकसित होते हैं परंतु बाजार उनके 1000 से अधिक नकली प्रतिरूपों से भरा है। इस समय 21 मुखी रुद्राक्ष की कीमत 30 लाख नेपाली रुपये है जो केवल तीन वर्ष पहले 250,000 रुपये थी।
इसलिए खरीदार नकली रुद्राक्ष का चयन कर रहे हैं, जो बहुत सस्ता है।
नकली रुद्राक्षों का निर्माण हरिद्वार, वाराणसी और मुंबई में हो रहा है। अब तो नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के समीप भी नकली रुद्राक्ष तैयार होने लगे हैं।
व्यापारियों को भय है कि रुद्राक्ष की बिक्री पर सरकार द्वार दो प्रतिशत कर लगाने बे बाद नकली माल में और वृद्धि होगी। पिछले वर्ष नेपाल में वास्तविक रुद्राक्ष का व्यापार 10 करोड़ नेपाली रुपये से ऊपर था।
मुकुंद खाटीवाडा, जिनका परिवार पिछले 40 वर्ष से रुद्राक्ष व्यापार में लगा है, ने कर का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सरकार को नकली माल की रोकथाम और रुद्राक्ष व्यापार की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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