संजीव नंदा की सजा कम हुई

कोर्ट ने मुख्य आरोपी पूर्व नौसेना अध्यक्ष एस.एम. नंदा के पोते संजीव नंदा की सजा पांच से घटाकर 2 साल कर दी। कोर्ट में नंदा ने दलील पेश की थी कि यह घटना उनसे अनजाने में हुई है। न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर ने अपने फैसले में इस आधार पर नंदा की सजा को कम कर दिया कि यह मामला सुनियोजित हत्या की बजाय लापरवाही का है।
इस फैसले के मुताबिक अब नंदा को भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से किसी की जान ले लेना) के तहत सजा होगी। न्यायालय ने उच्च न्यायलय के रजिस्ट्रार को आदेश दिया कि इस मामले में झठी गवाही देने वाले विवादास्पद गवाह सुनील कुलकर्णी के खिलाफ कार्यवाही आरंभ की जाए
नंदा के पिता सुरेश नंदा ने कहा, "हम इस फैसले से खुश हैं और अपील करने का कोई विचार नहीं है।" गौरतलब है कि पांच सितंबर, 2008 को 10 साल पहले नंदा की कार से कुचलकर छह लोगों की मौत के मामले में निचली अदालत ने उसे पांच साल की सजा सनाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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