मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल
भोपाल, 20 जुलाई (आईएएनएस। मध्य प्रदेश सरकार की चेतावनी के बावजूद जूनियर डॉक्टर विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर चले गए। इस हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।
राज्य के जूनियर डॉक्टर ने मेहनताना बढ़ाने, फीस घटाने और भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा निर्धारित मापदंडों के मुताबिक चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 20 जुलाई से हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। इसी के तहत राज्य के पांचों चिकित्सा महाविद्यालयों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के 1500 जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।
राज्य सरकार ने रविवार रात जूनियर डॉक्टरों को चेतावनी दी थी कि अगर वे हड़ताल पर गए, तो उनको निष्कासित माना जाएगा। इस चेतावनी के बावजूद आंदोलनकारी चिकित्सक हड़ताल पर चले गए।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर सुबह से ही स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा। मरीजों को परेशानियों से बचाने के लिए जूनियर डॉक्टरों ने वैकल्पिक इंतजाम करने का फैसला लिया है।
राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक वी़ क़े सैनी ने आईएएनएस को बताया कि सरकार हड़ताल पर जाने वाले जूनियर डॉक्टरों को निष्कासित करने का फैसला कर चुकी है। उन्होंने कहा कि शाम तक ही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल और उसके प्रभाव का पता चल सकेगा। लिहाजा विभाग और सरकार को शाम तक की हड़ताल की रिपोर्ट का इंतजार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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