उत्पादित वस्तुओं के निर्यात में 18 प्रतिशत की गिरावट : एसोचैम
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के परियोजना निर्यात (विदेशों में अधोसंरचना परियोजनाओं की स्थापना) में हालांकि इसी अवधि के दौरान 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च प्रतिस्पर्धा और मांग की कमी के कारण उत्पादित वस्तुओं के निर्यात पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा है, "सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उत्पादन क्षेत्र का योगदान लगभग 17 प्रतिशत ही है, जबकि चीन में उत्पादन क्षेत्र का जीडीपी में योगदान 35 प्रतिशत है।"
जिंदल ने कहा कि अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में उत्पादन क्षेत्र का जीडीपी में अधिक योगदान, वहां अधोसंरचना के क्षेत्र में उच्च निवेश के कारण है।
भारत अपनी जीडीपी का मुश्किल से दो प्रतिशत अधोसंरचना के क्षेत्र में निवेश करता है। इसमें निजी क्षेत्र का योगदान एक प्रतिशत होता है।
एसोचैम ने कहा है कि अलबत्ता भारत के वाणिज्यिक निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 1999-2000 के 36.7 अरब डॉलर के मुकाबले वर्ष 2008-09 के दौरान वाणिज्यिक वस्तुओं का 159 अरब डॉलर का निर्यात हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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