सूर्यग्रहण पर भीमबैटका से देख सकेंगे खगोलीय घटनाक्रम

सूर्यग्रहण की सेंट्रल लाइन भीमबैटका से गुजरेगी। इसीलिए यहां देश भर के खगोल विज्ञानियों का जमावड़ा लगने वाला है, ताकि वे सूर्यग्रहण की एक-एक गतिविधि को आसानी से निहार सकें। इस नजारे को देखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाशाली बच्चे, शिक्षक और खगोल विज्ञानी भी भीमबैटका पहुंचेंगे।

दूसरी ओर सूर्य ग्रहण क्या है, खगोलीय गतिविधियां किस तरह पूरी होती है और खग्रास सूर्यग्रहण को लेकर किस तरह के अंधविश्वास है। इन सभी से बच्चों को अवगत कराने के लिए 21 से 23 जुलाई तक साइंस सेन्टर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सूर्य महोत्सव का आयोजन किया है।

साइंस सेन्टर के परामर्शदाता अरुण भार्गव ने आईएएनएस को बताया है कि इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के प्रमुख वैज्ञानिकों की हिस्सेदारी रहेगी जो खगोलीय गतिविधियों से बच्चों को रूबरू कराएंगे।

राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित सूर्य महोत्सव के दूसरे दिन 22 जुलाई को भी बैठक में सूर्य ग्रहण को स्पष्ट तौर पर देखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

भीम बैटका में सूर्यग्रहण को जानने और समझने के लिए टैलिस्कोप, एलसीडी स्क्रीन लगाई जाएगी। भार्गव के मुताबिक भोपाल से भीम बैटका लगभग 500 बच्चों को ले जाया जाएगा, जिन्हें सोलर फिल्टर युक्त चश्मे, खगोलीय किट तथा अन्य सामग्री प्रदान की जाएगी। ताकि वे सूर्य ग्रहण के नजारे को बगैर किसी परेशानी के देख सकें।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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