मायावती मेरी हत्या करवा सकती हैं: जोशी (लीड-1)
लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में जोशी ने कहा कि मायावती ने उनके घर पर हमला करवाया। उन्होंने उनके घर में आग लगवाई और अब वह उन पर हमला करवाकर उनकी हत्या भी करवा सकती हैं।
जोशी ने कहा कि मायावती के इशारे पर सरकार के मंत्रियों और बसपा नेताओं ने सुनियोजित तरीके से पुलिस के साथ मिलकर उनके घर को लूटा, जलाया और नष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश में जो भी मायावती के खिलाफ आवाज उठाएगा, वह उसे कुचल देंगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "यहां पर महिलाओं की अस्मिता को पैसे से खरीदने की कोशिश की जाती है, लेकिन महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ वह आवाज उठाती रहूंगी, उन्हें चाहे इसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े।
उन्होंने कहा, "महिलाओं के खिलाफ अत्याचार रोकने के के लिए सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। मुरादाबाद में मेरे द्वारा जो शब्द प्रयोग किए गए थे वह एक महिला के उद्गार थे। मैंने महिला मुख्यमंत्री को संबोधित किया था। मेरे शब्द प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था पर एक टिप्पणी थे। मैंने कहीं जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। मायावती अगर बता दें कि मैंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया हो तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगी।"
जोशी ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और मुख्यमंत्री सचिवालय से सटा देश के सबसे बड़े दल के प्रदेश अध्यक्ष का घर जला दिया गया। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री मायावती को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
मायावती को आड़े हाथों लेते हुए जोशी ने कहा कि उनके घर को आग लगाने में बहुजन समाज पार्टी(बसपा) का जो नेता शामिल था और जिसके खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है, उसको मायावती ने राज्यमंत्री का दर्जा देकर पुरस्कृत किया है।
आगजनी की घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से जांच कराने की मांग दोहराते हुए जोशी ने कहा कि अगर मायावती सरकार ने सीबीआई जांच नहीं कराई को कांग्रेस कार्यकर्ता 1 अगस्त से प्रदेशभर में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मायावती सरकार सीबीआई जांच नहीं करवाएंगी।
इससे पहले दोपहर करीब एक बजे नई दिल्ली से लखनऊ पहुंची रीता बहुगुणा जोशी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए जोशी के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति प्रताड़ना निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की है। जोशी फिलहाल 29 जुलाई तक के लिए अंतरिम जमानत पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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