हिलेरी ने माना, राष्ट्रपति पद की दौड़ में महिला होने के कारण पिछड़ी
लेकिन अगले ही क्षण उन्होंने गंभीर होते हुए कहा,"मुझे जो अनुभव हुआ, मैं उसके लिए बहुत आभारी हूं। जब मैं कालेज प्रशासन में अध्यक्ष थी तो कभी कल्पना नहीं कर सकती थी कि यह मेरे जीवन में घटित होगा। लेकिन मैं पीछे नहीं देखती। मैं उन लोगों में से हूं जो हमेशा आगे देखते हैं।"
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष रागिनी नायक ने हिलेरी से पूछा था कि क्या वह महिला होने के कारण राष्ट्रपति पद की दौड़ में पिछड़ गईं। इसका जवाब देते हुए हिलेरी ने कहा,"महिलाओं के प्रति बचे-खुचे भेदभाव को समाप्त करने की प्रतिबद्धता से मुझे ऊर्जा मिलती है।"
महिलाओं के सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए हिलेरी ने शनिवार को मुंबई में स्वयंसेवी संस्था 'सेवा' की अध्यक्ष से अपनी भेंट का उल्लेख किया।
हिलेरी ने सेवा की अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा,"आप अध्यक्ष हैं और मैं ऐसा नहीं कर पाई। इसलिए मैं आपको बधाई देती हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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