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कसाब ने मुंबई हमले का पूरा ब्यौरा दिया (लीड-2)

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मुंबई, 20 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने सोमवार को इनमें अपनी भूमिका कबूल कर ली।

उसने कबूल किया कि वह एक पाकिस्तानी नागरिक है और अपने इस बयान से सन्न अदालत के समक्ष उसने उस जघन्य घटनाक्रम का ब्यौरा दिया जिसकी परिणति देश पर हुए अब तक सबसे घातक आतंकवादी हमले में हुई जिसमें 180 लोग मारे गए थे।

अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की भारत यात्रा के दौरान कसाब द्वारा जुर्म कबूलने से आतंकवाद के मसले पर भारत के पक्ष को बल मिलेगा।

कसाब द्वारा अचानक की गई इस स्वीकारोक्ति से विशेष न्यायाधीश एम.एल.ताहिलयानी और अन्य सभी लोग हैरान रह गए। कसाब ने ताहिलयानी को संबोधित करते हुए उर्दू में अपनी बात कहनी शुरु की। उसने कहा, "मैं अदालत में इकाबलिया बयान देना चाहता हूं। मैं खुद पर लगे आरोपों को स्वीकार करता हूं।"

कसाब ने अपने बयान में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) और कामा अस्पताल पर हमलों में अपनी भूमिका का विस्तार से ब्यौरा दिया।

कसाब ने हमले में अपनी भूमिका कबूलने के साथ ही अदालत में अपने पाकिस्तानी साथियों के नाम भी बताए। उसने बताया कि कराची से रवाना होते समय अबु हमजा, अबु जिंदाल, अबु काफा और जकी-उर-रहमान लखवी उन्हें जहाज तक छोड़ने आए थे। भारतीय अधिकारी बेंगलुरू के भारतीय विज्ञान संस्थान में दिसंबर 2005 में आतंकी हमले के पीछे हमजा का हाथ मानते हैं।

कसाब ने इस बात का भी ब्यौरा दिया कि कैसे उसने एक टैक्सी में बम रखा था, जिसमें बाद में दक्षिणी मुंबई के मजगांव में धमाका हो गया था।

मुंबई हमलों के पीछे लखवी को मास्टरमाइंड बताते हुए कसाब ने विस्तार से बताया कि कैसे उसने और उसके साथी अबु इस्माइल ने सीएसटी के सार्वजनिक शौचालय में बाद में इस्तेमाल के लिए टाइमर युक्त बम तैयार किया था। इस्माइल पुलिस के हाथों मारा गया था।

उसने आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे और उनके सहयोगी विजय सालस्कर के साथ कामा अस्पताल में हुई मुठभेड़ का ब्यौरा भी दिया और बताया कि उसने कैसे उन्हें मार डाला।

उसने बताया कि इसी दौरान उसने और उसके साथी इस्माइल ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक काम्टे को मार डाला और पुलिस की एक जीप अगवाकर वे गिरगांव चौपाटी की ओर बढ़ गए।

उसने बताया कि कराची से मुंबई तक की यात्रा अरब सागर में विभिन्न रास्तों से चार अलग-अलग नौकाओं में पूरी हुई। कसाब और उसके साथी 26 नंवबर को मुंबई पहुंचे और आखिर में टैक्सियों में सवार होकर विभिन्न दिशाओं में देश के अब तक सबसे जघन्य आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए चले गए।

पूरे बयान के दौरान कसाब अपने आकाओं और सहयोगी इस्माइल का नाम लेता रहा।जिन्होंने 10 आतंकवादियों के दल को हिदायतें, नक्शे, हथियार और साजोसामान मुहैया कराया।

विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने कहा, "यह सच्चाई की जीत है और विशेष अदालत में अचानक उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।" निकम ने बताया कि कसाब ने सरकार की ओर से नियुक्त किए गए अपने वकील एस.जी. अब्बास काजमी के साथ चर्चा के बाद यह कदम उठाया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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