भारतीय छात्रा की कविता 14 वर्ष बाद भी याद है: हिलेरी
लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा अनुसूइया सेनगुप्ता ने 14 वर्ष पूर्व क्लिंटन को 'साइलेंस' नामक एक कविता पढ़कर सुनाई थी। कविता से क्लिंटन इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने अपनी आत्मकथा में भी इसका जिक्र किया है।
सोमवार को विदेश मंत्री के तौर पर जब क्लिंटन दिल्ली विश्वविद्यालय पहुंची तो वहां अनुसूइया भी वहां उपस्थित थीं। क्लिंटन ने अपने भाषण में भी अनुसूइया और उनकी कविता का जिक्र किया।
क्लिंटन ने वर्ष 2003 में प्रकाशित अपनी आत्मकथा 'लिविंग हिस्ट्री' में भी अनुसइया की कविता को याद किया और एक अध्याय का नाम ही 'साइलेंस इज नॉट स्पोकन हेयर' रख दिया।
सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों को संबोधित करते हुए क्लिंटन ने कहा, "वर्ष 1995 में मेरी मुलाकात अनुसइया सेनगुप्ता से हुई। उसने मुझे खुद की लिखी कविता पढ़कर सुनाई। कविता की अंतिम पंक्तियां थीं- कई देशों में कई महिलाएं एक ही भाषा बोलती हैं- मौन की भाषा।"
क्लिंटन ने कहा कि 14 वर्ष पूर्व अनुसइया एक छात्रा थीं और आज वह महिलाओं के अधिकारों के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, "वह आज भी चुप नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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