गड़बड़ियों के बावजूद चंद्रयान-1 की सफलता के प्रति आश्वस्त है इसरो
चेन्नई, 18 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का पहला चंद्र मिशन चंद्रयान-1 अपने प्रक्षेपण के एक वर्ष के भीतर ही भले ही तकनीकी गड़बड़ियों से पीड़ित हो, लेकिन इसरो को पूरा भरोसा है कि अंतरिक्षयान अपने मिशन को पूरा कर लेगा।
चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 के परियोजना निदेशक एम.अन्नादुरा ई ने आईएएनएस को बेंगलुरू से फोन पर बताया, "किसी उपग्रह के प्रक्षेपण के एक साल के भीतर उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विफलता अपने आप में एक खतरा है, जिसका सामना चंद्रयान-1 कर रहा है। लेकिन उपग्रह जैसे ही एक साल की अवधि पूरा कर लेता है, उसके बाद उसके स्थाई रूप से काम करते रहने की उम्मीद की जा सकती है।"
ज्ञात हो कि चंद्रयान-1 पर आरोपित किए गए एक स्टार सेंसर में चंद्रमा के चारों ओर अधिक गर्मी के कारण 16 मई को गड़बड़ी आ गई थी। बड़ी दिक्कत तब हो गई जब अंतरिक्ष यान की स्टैंडबाई इकाई भी फेल हो गई।
हालांकि, अंतरिक्षयान पर आरोपित एक अन्य उपकरण बस मैनेजमेंट इकाई भी विफल हो गई। फिर भी उपग्रह, स्टैंडबाई इकाई को चालू करने की स्थित में था।
इस स्थिति को संभालते हुए इसरो ने एक नई तकनीक को अपनाया। इसके तहत अंतरिक्षयान के एंटीना में लगाए गए अतिरिक्त गाइरोस्कोप सेंसर को सक्रिय कर दिया गया।
अन्नादुराई के अनुसार उपग्रह सामान्य रूप से काम करेगा तो उसके किसी अन्य उपकरण में गड़बड़ी नहीं होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications