विधि के अध्ययन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत : मुखर्जी
कलकत्ता विश्वविद्यालय के विधि विभाग में आयोजित शताब्दी समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, "दुर्भाग्य से पिछले कुछ समय में हमने न्यायिक अध्ययन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है। इस क्षेत्र में संसाधन की कमी है।"
कलकत्ता विश्वविद्यालय में विधि महाविद्यालय की स्थापना जनवरी 1909 में की गई थी।
मुखर्जी ने भूमंडलीकरण के दौर में विधि विशेषज्ञों की जरूरतों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विशेषज्ञ लोगों की जरूरत है।
इस समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के. जी. बालाकृष्णन और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस.एस. निज्जर भी मौजूद थे।
समारोह में मौजूद राज्य के वित्त मंत्री असीम दासगुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार राजरहाट में एक न्यायिक अकादमी की स्थापना करेगी जिसके जरिये कलकत्ता उच्च न्यायालय में काम करने वाले विधि पेशेवरों और विधि के छात्रों के बीच मेलजोल बढ़ाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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