सेंसर विफल होने से चंद्रयान के जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा : नायर (लीड-1)

नायर ने संवाददाताओं को यहां बताया, "चंद्रमा की सतह की ओर अंतरिक्षयान के रुझान के निर्धारण के लिए इस्तेमाल किए गए स्टार सेंसर में सूर्य से अधिक विकिरण होने के कारण 26 अप्रैल से गड़बड़ी शुरू हो गई थी।"

नायर ने कहा, "हमने इस तरह की किसी भी गड़बड़ी से उबरने के लिए एंटीना के साथ अतिरिक्त सेंसर लगा रखे हैं।"

नायर ने आगे कहा, "हमने स्टार सेंसर की गड़बड़ी ठीक कर ली है और गाइरोस्कोप व विद्युत यांत्रिक उपकरणों के जरिए चंद्रयान की सामान्य स्थिति बहाल कर दी है।"

नायर ने कहा, "स्टार सेंसर और एक बस प्रबंधक इकाई के विफल होने के बाद भी अंतरिक्ष यान की सेहत सामान्य है। उसकी गतिविधियों की समीक्षा के बाद स्पष्ट हो गया है कि पिछले आठ महीनों के दौरान इस मिशन ने अपने प्राथमिक उद्देश्यों को हासिल कर लिया है।"

इसके पहले इसरो के निदेशक एस.सतीश ने आईएएनएस को बताया कि चंद्रयान के स्टार सेंसर में गड़बड़ी का पता एक महीने पहले लग गया था। इसरो के वैज्ञानिक इसे ठीक करने में जुट गए थे। वैज्ञानिकों ने 'एंटीना' तकनीक की सहायता से स्टार सेंसर की खराबी दूर की।

अपने लांच के सात महीने तक चंद्रयान-1 ठीक तरीके से काम करता रहा लेकिन अब इसका अहम हिस्सा 'स्टार सेंसर' ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिस कारण चंद्रयान को ठीक से चांद की तरफ घुमाना मुश्किल हो गया था।

गड़बड़ी की वजह से चांद की कई सतहों पर फोकस करने में भी अड़चनें आ रही थीं। सतीश ने कहा कि चंद्रमिशन सुरक्षित है और स्टार सेंसर व अन्य सभी उपकरण ठीक तरीके से काम कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि 518 किलोग्राम के चंद्रयान-1 को 22 अक्टूबर 2008 को श्रीहरिकोटा से लांच किया गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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