राजस्थान में किसानों को 7 प्रतिशत की दर पर फसली ऋण मिलेगा
मीणा गुरुवार को राज्य विधानसभा में सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर हुई बहस का उत्तर दे रहे थे। सहकारिता मंत्री के उत्तर के बाद सदन ने एक अरब, 50 करोड,़ 53 लाख, 55 हजार रुपए की अनुदान मांगें, जिनमें लेखानुदान से प्राप्त राशि भी शामिल है, ध्वनिमत से पारित कर दीं।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि नई दरों पर फसली सहकारी ऋण पूरे राज्य में किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कृषक मित्र एवं किसान कार्ड योजना में भी 7 प्रतिशत की दर से ही ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऋण सीमा को ढाई लाख से बढ़ा कर साढ़े तीन लाख कर दिया गया है। नहरी क्षेत्र में यह सीमा बढ़ा कर चार लाख कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि बकाया किस्तों का समय पर भुगतान के लिए ब्याज दर में एक प्रतिशत की छूट का पूर्ववर्ती सरकार ने फैसला किया था, लेकिन बैंकों को एक पैसा भी उपलब्ध नहीं कराया गया। अब केंद्र सरकार ने ऐसे किसानों को एक प्रतिशत की छूट के निर्देश दिए हैं जिससे ऐसे किसानों को 6 प्रतिशत की दर पर ऋण मिल सकेगा, जो समय पर किस्तें चुकाते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष के लिए 3200 करोड़ रुपये के फसली सहकारी ऋण देने का निर्णय किया है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार की मंशा सरकारी आंदोलन को मजबूत बनाने की है। यही कारण है कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में पूर्व कार्यकाल के दौरान नया अधिनियम तैयार कर लागू किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसा अधिनियम देश में और कहीं नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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