जोशी के बयान व गिरफ्तारी पर लखनऊ से दिल्ली तक का सियासी तापमान बढ़ा (राउंडअप)

पुलिस के मुताबिक जोशी पर आरोप है कि उन्होंने बुधवार को मुरादाबाद के मझोला में एक सभा के दौरान बलात्कार पीड़ितों को दी जाने वाली धनराशि के सिलसिले में मायावती के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की थी।

इसके बाद मुरादाबाद के मझोला थाने में बुधवार देर रात अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्हें गाजियाबाद से गिरफ्तार करने के बाद गुरुवार तड़के मुरादाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के घर ले जाया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इससे पहले जोशी के बयान से भड़के बसपा समर्थकों ने बुधवार देर रात लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र में स्थित जोशी के मकान को आग लगा दी और चार वाहन फूंक डाले।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गुरुवार को कांग्रेस और बसपा के सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले राज्यसभा की कार्यवाही एक बार और लोकसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई।

उधर लखनऊ में मायावती ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा जोशी द्वारा उनके खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक व अमर्यादित टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर ही जोशी ने उनके खिलाफ यह टिप्पणी की।

उन्होंने कहा, "मेरे बारे में जोशी द्वारा दिया गया बयान माफी के काबिल नहीं है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। दुख की बात यह है कि सोनिया गांधी इस मसले पर चुप हैं। उन्होंने इस अपमानजनक टिप्पणी की न तो निंदा की है और न ही संबंधित महिला के खिलाफ पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई की है।"

उन्होंने कहा, "इससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर ही मेरे खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। जोशी की मेरे खिलाफ की गई टिप्पणी बिल्कुल भी माफ किए जाने के काबिल नहीं है।"

मायावती ने हालांकि जोशी के घर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस द्वारा इस घटना से बसपा के लोगों को जोड़ना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा, "मेरे खिलाफ की गई टिप्पणी से देशभर के बसपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। उन्होंने सड़कों पर उतरने का मन बना लिया था लेकिन मैंने संदेश भेजकर उन्हें शांत रहने को कहा है। मेरी पार्टी को शक है कि इस घटना को कांग्रेस के ही लोगों ने अंजाम दिया है ताकि जोशी द्वारा की गई टिप्पणी से मीडिया व देश का ध्यान हटाया जा सके।"

इस बीच कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) सहित लगभग सभी दलों ने मुख्यमंत्री मायावती को बर्खास्त किए जाने की मांग की।

भाजपा सांसद मेनका गांधी ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने का वक्त आ गया है। प्रदेश के हर जिले में बगैर किसी उचित कारण के लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए।"

सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के पुत्र, सांसद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वहां मायावती का तानाशाही शासन चल रहा है। इसलिए हम राज्य सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग कर रहे हैं।"

भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "जोशी ने जो कुछ भी कहा है, हम उसे उचित नहीं ठहरा रहे हैं लेकिन इस घटना के बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने जो कुछ भी किया वह दलितों को लुभाने के लिया उठाया गया राजनीतिक कदम है। कांग्रेस और बसपा मुख्य मुद्दों से समाज का ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार की राजनीति कर रहे हैं।"

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी. राजा ने कहा, "मैं जोशी की टिप्पणी की निंदा करता हूं। साथ ही उनके घर पर जो हमला हुआ है उसे भी उचित नहीं ठहराया जा सकता है। लोकतंत्र में यह सब स्वीकार नहीं किया जा सकता।"

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने जोशी के आवास पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा, "यह जंगल राज और आतंकवाद से कम नहीं है।"

कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने इस घटना को राज्य प्रायोजित अपराध करार दिया है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हमें पूरी जानकारी है कि यह घटना कब हुई। राज्य के सभी वरिष्ठ अधिकारी उस वक्त मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर रहे थे। मुख्यमंत्री के इशारे पर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया है।"

उन्होंने कहा, "इस मामले में मुख्य अभियुक्त बसपा विधायक बबलू तिवारी है। उनके ही नेतृत्व में यह हमला हुआ है। पुलिस को पहले ही बता दिया था कि यह घटना होने वाली है। मीडियाकर्मियों को भी जोशी के घर पहुंचने के लिए कहा गया।"

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने हालांकि जोशी के बयान को अनुचित ठहराया लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि लखनऊ में जोशी के आवास पर जो कुछ हुआ वह पूरी तरह से निंदनीय है।

राज्य में उपजी स्थिति से प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया को अवगत कराया। कांग्रेस सांसद जगदम्बिका पाल ने आईएएनएस से कहा, "सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलकर हमने प्रदेश में चल रही राज्य प्रायोजित हिंसा के बारे में उन्हें अवगत कराया।"

उन्होंने कहा कि यदि यह साबित हो जाता है कि जोशी द्वारा मायावती के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी आपत्तिजनक है तो वह बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं।

बहरहाल, जोशी की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्यभर में अलर्ट जारी कर दिया है। मुरादाबाद में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ)और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी ) के कर्मी बड़ी संख्या में तैनात कर दिए गए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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