जोशी की टिप्पणी पर चुप क्यों हैं सोनिया : मायावती (लीड-2)
लखनऊ में गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा, "मेरे बारे में जोशी द्वारा दिया गया बयान माफी के काबिल नहीं है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।"
मायावती ने हैरानी जताते हुए कहा, "जोशी द्वारा मेरे बारे में की गई टिप्पणी की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) निंदा करती है। दुख की बात ये है कि सोनिया गांधी इस मसले पर चुप हैं। उन्होंने इस अपमानजनक टिप्पणी की न तो निंदा की है और न ही संबंधित महिला के खिलाफ पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई की है।"
उन्होंने कहा, "इससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस नेतृत्व के इशारे पर ही मेरे खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। जोशी की मेरे खिलाफ की गई टिप्पणी बिल्कुल भी माफ किए जाने के काबिल नहीं है।"
बसपा प्रमुख ने कहा कि सोनिया गांधी के इशारे पर ही रीता बहुगुणा ने उनके बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने अपने राजनीतिक लाभ के लिए जोशी को प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया है।
मायावती ने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अधिनियम केंद्र की कांग्रेस सरकार ने ही बनाया था। इस अधिनियम के तहत दलित महिलाओं से बलात्कार होने पर उन्हें नकद राशि के रूप में मुआवजा देने की व्यवस्था केंद्र सरकार ने ही की है। इस व्यवस्था का हमारी पार्टी विरोध करती है।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की मांग है कि दलित के अलावा भी किसी भी महिला चाहे वह सवर्ण समाज की ही क्यों न हो, को ऐसे मामलों में मुआवजा दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज की महिलाओं के खिलाफ अपराध पर अंकुश लगाने के लिए हमारी सरकार की तरफ से हर जिले के आला पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश है कि वे मौके पर जाकर जल्द से जल्द घटना की रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को सौंपे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
मायावती ने कहा कि जोशी के घर में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन कांग्रेस द्वारा इस घटना से बसपा के लोगों को जोड़ना ठीक नहीं है। क्योंकि बसपा कार्यकर्ता बहुत अनुशासित हैं और वे तोड़फोड़ व आगजनी करने में यकीन नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा, "मेरे खिलाफ की गई टिप्पणी से देशभर के बसपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। उन्होंने सड़कों पर उतरने का मन बना लिया था लेकिन मैंने संदेश भेजकर उन्हें शांत रहने को कहा है।"
बसपा प्रमुख ने कहा, "मेरी पार्टी को शक है कि इस घटना को कांग्रेस के ही लोगों ने अंजाम दिया है ताकि जोशी द्वारा की गई टिप्पणी से मीडिया व देश का ध्यान हटाया जा सके।"
मालूम हो कि बुधवार को मुरादाबाद में जोशी ने मायावती के खिलाफ कथित अपमानजनक टप्पिणी की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अधिनियम सहित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जोशी को गुरुवार को मुरादाबाद के मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया। जोशी की तरफ से सीजेएम के समक्ष अंतरिम जमानत की अर्जी प्रस्तुत की गई, जिस पर कल सुनवाई होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications