जोशी को न्यायिक हिरासत, संसद में हंगामा (लीड-2)
जोशी के खिलाफ मुरादाबाद के मझोला थाने में बुधवार देर रात अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्हें गाजियाबाद से गिरफ्तार करने के बाद गुरुवार तड़के मुरादाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के घर ले जाया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस पूरे घटना को लेकर गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ। हंगामे के कारण जहां राज्यसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई वहीं लोकसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित की गई।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मसले पर चर्चा के लिए आज शाम उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की एक बैठक बुलाई है।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने जोशी के आवास पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा, "यह जंगल राज और आतंकवाद से कम नहीं है।"
कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने इस घटना को राज्य प्रायोजित अपराध करार दिया है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हमें पूरी जानकारी है कि यह घटना कब हुई। सभी वरिष्ठ अधिकारी उस वक्त मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर रहे थे। मुख्यमंत्री के इशारे पर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया है।"
उन्होंने कहा, "पुलिस ने पहले ही बता दिया था कि यह होने वाला है। मीडियाकर्मियों को जोशी के घर पहुंचने को भी कहा गया।"
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने हालांकि जोशी के बयान को अनुचित ठहराया लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि लखनऊ में जोशी के आवास पर जो कुछ हुआ वह पूरी तरह से निंदनीय है।
गिरफ्तारी के बाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने मायावती या दलितों के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। मैं सिर्फ लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहती थी कि मायावती बलात्कार पीड़ित महिलाओं को महज नाम मात्र का मुआवजा देने के लिए हेलीकॉप्टर और अन्य तामझामों पर लाखों रुपये खर्च करती हैं।"
उन्होंने कहा, "मेरा उद्देश्य मायावती को यह याद दिलाना था कि एक महिला होने के नाते वह इस बात को समझे कि बलात्कार पीड़ित के दर्द को मुआवजा देकर कम नहीं किया जा सकता। बहरहाल मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है। मैं इसके लिए माफी भी मांग चुकी हूं।"
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने मुख्यमंत्री मायावती को बर्खास्त किए जाने की मांग की है।
भाजपा सांसद मेनका गांधी ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने का वक्त आ गया है। हर जिले में बगैर किसी दोष के लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "रीता बहुगुणा जोशी ने क्या कहा। उन्होंने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली है। वह अपने मन की बात तो बोल ही सकती है। यह किस तरह का लोकतंत्र है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए।"
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वहां मायावती का तानाशाही का शासन चल रहा है। इसलिए हम राज्य सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग कर रहे हैं।"
बहरहाल, जोशी की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य भर में अलर्ट जारी कर दिया है। मुरादाबाद में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ)और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी ) के कर्मी बड़ी संख्या में तैनात कर दिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक जोशी पर आरोप है कि उन्होंने बुधवार को मुरादाबाद के मझोला में एक सभा के दौरान बलात्कार पीड़ितों को दी जा रही धनराशि के सिलसिले में मायावती के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की थी।
इससे बाद भड़के बसपा समर्थकों ने बुधवार देर रात लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र में जोशी के मकान को आग लगा दी और चार वाहन फूंक डाले।
लखनऊ परिक्षेत्र के महानिरीक्षक (आईजी) अरविंद कुमार जैन ने संवाददाताओं से कहा कि इस घटना में शामिल लोग चाहे कितने ही बड़े कद के हों, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications