उड़ीसा बाढ़ में 15 की मौत, हजारों प्रभावित (लीड-1)
राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बुधवार की रात आईएएनएस को बताया, "बाढ़ के कारण 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 10,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।"
अधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त हुई प्रारंभिक सूचना के आधार पर कहा, "नयागढ़ जिले में करीब 5,000 लोग तथा राज्य के अन्य हिस्सों में भी करीब 5,000 लोग प्रभावित हुए हैं।"
राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार चौथे दिन मूसलाधार बारिश जारी है। बारिश के कारण सार्वजनिक यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। हजारों लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सूर्यनारायण पात्रा ने आईएएनएस को बताया, "बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इस समय किसी भी अधिकारी को छुट्टी पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"
सबसे ज्यादा सात व्यक्तियों की मौत नयागढ़ में हुई। इसके अलावा कंधमाल, कोरापुट, भद्रक और क्योंझर में भी बाढ़ से जुड़े हादसों में लोगों के मरने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर लोगों की मौत डूबने से हुई है।
स्थानीय टीवी चैनलों पर प्रसारित खबरों के मुताबिक अलग-अलग घटनाओं में बुधवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में घरों के ढह जाने के कारण भी छह लोगों की मौत हो गई है। इस बारे में अधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एस.सी.साहु ने आईएएनएस को बताया, "तीव्र मानसून के कारण पिछले दो-तीन दिनों के दौरान राज्य में जितनी बारिश हुई है, वह पहली जून से लेकर अब तक के लिए अनुमानित बारिश से आठ प्रतिशत अधिक है।"
राज्य के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने कहा कि राज्य में बहने वाली तीन प्रमुख नदियां, महानदी, ब्राह्मणी और बैतरणी पूरे उफान पर हैं और उनका पानी कई स्थानों पर खतरे का निशान पार कर गया है।
मौसम कार्यालय ने राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी जिला अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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