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ऑनआइन बिजनेस में उतरेगा नैस्पर्स

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Tradeus.in
दक्षिण अफ्रीकी मीडिया समूह नैस्पर्स, जो कि सोशल मीडिया साइट Ibibo.com का संचालक है अब भारत में में अपने ई-कामर्स बिजनेस Tradus का विस्तार करने जा रहा है।

कंपनी पहले से ही विभिन्न ब्रांड नाम और यूआरएल के साथ करीब 12 यूरोपीय देशों में सक्रिय है। अब इसने अपनी ऑनलाइन नीलामी और खरीदारी वेबसाइट के स्थानीय संस्करण की शुरुआत की है।

कंपनी की वेबसाइट Aukro.bg में बुल्गारिया में उपलब्ध है तो वहीं Molotok.ru रूस और Qxl.no नॉर्वे में काम कर रही है। भारत में यह कंपनी Tradus.in वेबसाइट के नाम से अपना बिजनेस शुरु करने जा रही है। पोलैंड, रोमानिया, रूस, स्लोवाकिया, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम और कुछ दूसरे यूरोपीय देशों भी Tradus मौजूद है।

इस ई-कॉमर्स बिजनेस के लिए कंपनी ने हाल ही में राहुल सेठी को बतौर प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। इससे पहले सेठी Web18 के ई-कॉमर्स विभाग में थे। वे MobileNXT.com के बिजनेस हेड भी रह चुके हैं। जो कि मोबाइल फोन और उपकरणों के लिए ऑनलाइन खुदरा कारोबार करने वाली कंपनी थी।

सेठी Ibibo.com के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कश्यप को रिपोर्ट करेंगे। वे Naspers के भारत में चलने वाले सभी ई-कॉमर्स वेंचर को देखेंगे। मीडिया से बातचीत में सेठी ने बताया कि Tradus.in का फोकस सिर्फ बिजनेस टू कस्टमर और कस्टमर टु कस्टमर सेगमेंट पर रहेगा।

कंपनी की इस रणनीति के तहत कंपनियां अपने प्रोडक्ट सीधे उपभोक्ता को बेच सकेंगी, साथ उपभोक्ता को भी इस तरह से सक्षम किया जाएगा कि वह इन उत्पादों को खरीद सके और अन्य उपभोक्ताओं को बेच सकें। Naspers ने आरंभ में सिर्फ छह महानगरों में रहने उपभोक्ताओं को को अपना लक्ष्य बनाया है। ये महानगर हैं, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और बैंगलोर।

सेठी ने कहा कि कंपनी ने बिजनेस टु कस्टमर सेगमेंट पर ज्यादा फोकस करेगी और समय के साथ इस काम को बढाने पर विचार करेगी। उन तमाम कंपनियों के साथ कुछ समझौतों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है, जो अपने प्रोडक्ट को सीधे उनके पोर्टल के माध्यम से बिक्री के लिए मुहैया कराएंगी। सेठी ने अभी उन कंपनियों का नाम बताने से इनकार कर दिया, जिनके साथ बातचीत जारी है।

Naspers ने लेनदेन शुल्क के जरिए नफा कमाने की योजना बनाई है, यह शुल्क तब लगेगा जब कंपनी वेबसाइट की लिस्टिंग के माध्यम से अपना कोई उत्पाद बेचेगी। यह शुल्क पांच से दस प्रतिशत के बीच होगा, जो प्रोडक्ट की श्रेणी पर निर्भर करेगा।

इसके अलावा कंपनी वेबसाइट पर किसी भी प्रोडक्ट के विज्ञापन का विकल्प उपलब्ध कराकर भी पैसा कमाएगी। उदाहरण के तौर पर कोई विक्रेता एक निश्चित राशि का भुगतान करके अपने प्रोडक्ट को होम पेज पर दिखा सकता है या अपने ब्रैंड नेम को बोल्ड टाइटिल दे सकता है।

सेठी के मुताबिक उनकी कंपनी का लक्ष्य है कि करीब 75 प्रतिशत की आमदनी लेन-देन शुक्ल और 25 प्रतिशत आमदनी विज्ञापन के जरिए होग।

उन्होंने यह भी कहा कि Naspers का इरादा मोबाइल फोन, कंप्यूटर, एमपी-3 जैसे प्रोडक्टस को ऑनलाइन मुहैया कराना है ताकि वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक खींचा जा सके। भारत एशिया का पहला देश है जहां Tradus.in की लांचिग हुई है। Naspers भारत में और अधिक ई-कॉमर्स प्रोडक्ट लाने की योजना बना रहा है।

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