उत्तर प्रदेश में मानसून हुआ सक्रिय
मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि सूबे में मानसून पटरी पर लौट आया है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है या बारिश की दशाएं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर लगातार कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे प्रदेश को अच्छी बारिश मिलने की उम्मीद है।
गुप्ता ने बताया कि मानसून की करीब 15 दिनों की देरी के बाद भी आने वाले दिनों में राज्य में करीब 81 फीसदी बारिश होने का अनुमान है। मानसून आने के पहले भी इतनी ही बारिश का अनुमान लगाया गया था।
मौसम विभाग से मिले आकड़ों के मुताबिक पूर्वाचल के गोरखपुर और संत रविदास नगर सूबे के ऐसे जिले रहे जहां एक जून से 11 जुलाई के बीच सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।
गोरखपुर में 268.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से तीन प्रतिशत अधिक है। वहीं संत रविदास नगर में 196 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 11 फीसदी अधिक है। राजधानी लखनऊ में अब तक 74 फीसदी बारिश हुई है, जो सामान्य से 51 फीसदी कम है।
आमतौर पर उत्तर प्रदेश में 15 जून तक मानसून दस्तक दे देता है। मानसून आने में करीब 15 दिनों के हुए विलंब ने कृषि क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
कृषि विभाग के मुताबिक 15 जून तक राज्य की 3 लाख 44 हजार हेक्टेयर भूमि धान सहित खरीफ की अन्य फसलों की बुआई के लिए तैयार हो जाती थी लेकिन इस साल यह आंकड़ा अभी तक 2 लाख 53 हजार हेक्टेयर तक ही पहुंचा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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