1984 के दंगे का प्रमुख गवाह नहीं रहा
अदालत में दंगा पीड़ितों का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ वकील एच. एस. फुलका ने आईएएनएस से कहा, "वह मधुमेह से पीड़ित थे और उन्हें अवसाद भी हो गया था। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।"
सिंह अमेरिका में रह रहे थे लेकिन इसी वर्ष जनवरी महीने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत में अपना बयान दर्ज कराने के लिए वह स्वदेश लौटे थे।
फुलका ने कहा, "सिंह को इस दौरान प्रताड़ित भी किया गया। जिस दिन उन्होंने देश की धरती पर कदम रखा, उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। उन्हें वापस अमेरिका जाने भी नहीं दिया गया। दंगों के आरोपाी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ बयान बदलने के लिए उन पर दबाव भी डाला गया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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