सितारा देवी, भूपेन हजारिका को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में हजारिका और सितारा देवी के साथ ही मंच सज्जाकार खालिद चौधरी और प्रदर्शनकारी कलाओं के विद्वान आर.सी. मेहता को अकादमी फेलोशिप भी प्रदान की गई।
अकादमी फेलोशिप के तहत एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। अकादमी फेलोशिप एक समय में 30 जीवित व्यक्तियों को ही दी जा सकती है।
फेलोशिप के अलावा संगीत नाटक अकादमी की परिषद ने वर्ष 2008 के लिए संगीत, नृत्य और रंगकर्म के क्षेत्र से 33 पुरस्कारों के लिए 34 व्यक्तियों का चयन किया। इनमें से एक पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया।
अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वालों में संगीत के क्षेत्र से उल्हास काशलकर, एम.आर. गौतम (हिंदुस्तानी गायन), रमेश मिश्रा (सारंगी), कृष्णा राम (शहनाई), पुरानम पुरुषोत्तम शास्त्री (कर्नाटक गायन) शामिल हैं।
नृत्य के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त करने वालों में सरोज वैद्यनाथन(भरतनाट्यम),शशि शंकला (कथक), कलामंडलम कुट्टम (कथकली) और रमानी रंजन जेना (ओडिसी) शामिल हैं।
रंगकर्म के क्षेत्र में सम्मानित होने वालों में मरकंद भट्ट, एस. रामानुजम और प्रोबीर गुहा शामिल हैं।
लोक और जनजातीय कलाओं के क्षेत्र में काम करने के लिए शकुंतला नगरकर (महाराष्ट्र), बीराबर साहू (उड़ीसा), मांगीबाई आर्य व लाखा खान मंगनियार (राजस्थान), एल. हरमोट मैती व थांग-टा (मणिपुर) और हिल्दा मिट लेपचा (सिक्किम) को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "ये पुरस्कार जहां व्यक्तिगत स्तर पर किए गए कार्यो का सम्मान है वहीं इससे हमें हमारी समृद्ध संस्कृति का भी पता चलता है।"
पाटिल ने अकादमी की 50 वर्षो से अधिक समय से उल्लेखनीय कार्य के लिए सराहना की और डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का सुझाव दिया जिससे लोग सुगमता से अपनी सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications