विनिवेश सरकार के एजेंडे में शामिल : मुखर्जी
लोकसभा में राष्ट्रीय बजट पर चली बहस का जवाब देते हुए मुखर्जी ने कहा कि छह जुलाई को पेश आम बजट में विनिवेश के बारे में बहुत कुछ नहीं कहे जाने से कुछ निराशा है।
उन्होंने कहा, "संभवत: लोग कंपनियों के नाम और यह जानना चाहते थे कि विनिवेश से कितना धन इकट्ठा किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि सरकार की विनिवेश नीति वही है जिसकी घोषणा राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने संसद के संयुक्त अधिवेशन में की थी।
मुखर्जी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम राष्ट्र की संपत्ति हैं और उसका एक हिस्सा जनता के हाथों में रहना चाहिए। इस तरह कंपनियों में 51 फीसदी हिस्सेदारी अपने पास रखते हुए सरकार जनता को विनिवेश प्रक्रिया में भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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