सीमा पर होने वाली मौतों को लेकर भारत-बांग्लादेश में विवाद
बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) ने कहा है कि बीएसएफ के जवानों ने इस वर्ष 55 निर्दोष लोगों की हत्या की है। बीएसएफ ने कहा कि ये लोग तस्कर और मवेशी चोर थे और रात के अंधेरे में सीमा पार करने का प्रयास कर रहे थे। बीएसएफ ने आत्मरक्षा में इन लोगों को मारा।
समाचार पत्र 'न्यू एज' के अनुसार ढाका ने भारत से आग्रह किया है कि बीएसएफ को ऐसी हत्याओं से बचना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय तथा अपने देश के कानून का पालन करना चाहिए।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेश से अवैध प्रवेश पर रोक लगाने को कहा जिससे कि ऐसी मौतों को कम किया जा सके।
भारत ने इस्लामी आतंकवादियों और उत्तर पूर्व के राज्यों में सक्रिय अलगाववादियों के खिलाफ भी बांग्लादेश से प्रभावी कदम उठाने को कहा।
कम से कम दो बांग्लादेशी रविवार सुबह भी बीएसएफ के हाथों मारे गए। पिछले सप्ताह ऐसी कई घटनाएं हुईं थीं।
भारत और बांग्लादेश की 4,300 किलोमीटर लंबी सीमा पर सामानों और मवेशियों की तस्करी आम है। दोनों पक्ष तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त गश्त पर राजी हो गए हैं।
बैठक के दौरान बीएसएफ अधिकारियों ने मानव तस्करी और सीमा पर अन्य अपराधों को रोकने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया।
बीडीआर के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल मैनुल इस्लाम और बीएसएफ के 18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके महानिदेशक एम.एल.कुमावत कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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