'वैज्ञानिक कृषि की उन्नत तकनीक खेत खलिहानों तक पहुंचाएं'
बुरड़क आज यहां राष्ट्रीय कृषि प्रबंध संस्थान दुर्गापुरा में राष्ट्रीय कृषि समाचार पत्र 'हरित क्रांति' के 32वें वर्ष में प्रवेश करने पर आयोजित वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खेती एक ऐसा व्यवसाय है जिससे 70 प्रतिशत से भी अधिक किसान किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं।
इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री बाबूलाल नागर ने कहा कि कृषि तकनीकी शिक्षा के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है कृषि वैज्ञानिकों को इस बात को ध्यान में रखते हुए बहुत गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने उन्नत कृषि के लिए विभिन्न फसलों के अच्छे बीज तैयार किये हैं और उनकी पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर बनी है इसके लिए कृषि वैज्ञानिक बधाई के पात्र हैं।
इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों, मीडिया कर्मियों, कृषि अधिकारियों एवं प्रगतिशील किसानों भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। प्रारंभ में पत्र के सम्पादक मुकेश शर्मा ने हरित क्रांति द्वारा कृषि क्षेत्र में दिये योगदान से अवगत कराया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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