• search

भारत को महाशक्ति के बजाय असंतोष मुक्त देश बनना चाहिए : गुहा

|

गुहा ने नौकरशाहों, राजनयिकों, नीति नियंताओं, स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं, चिंतकों, विदेशी प्रतिनिधियों और पत्रकारों की उपस्थिति के बीच कहा, "देश जिन 10 राजनीतिक व सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा है, उनमें नक्सलवाद, धार्मिक चरमवाद, एक भ्रष्ट केंद्र, सार्वजनिक संस्थानों में गिरावट, अमीर और गरीब के बीच बढ़ती दूरी, पर्यावरण प्रदूषण, मीडिया की उदासीनता, भारतीय चुनावी प्रणाली का राजनीतिक विखंडन, अनसुलझे सीमाएं विवाद और अस्थिर पड़ोसी शामिल हैं।"

गुहा एस्पेन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित '10 रीजंस व्हाइ इंडिया कैननॉट एंड मस्ट नॉट बीकेम ए सुपरपॉवर' विषय पर आयोजित एक विश्लेषणात्मक सत्र को संबोधित कर रहे थे।

सरकारी बयानों के हवाले से गुहा ने कहा, "वामपंथी चरमवाद या नक्सलवाद देश में आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है, क्योंकि देश के लगभग 150 जिलों को नक्सल प्रभावित घोषित किया जा चुका है।"

गुहा ने देश में नक्सलवाद में बढ़ोतरी के लिए भौगोलिक और सामाजिक कारणों को जिम्मेदार ठहराया है।

गुहा ने कहा, "पिछले आठ-नौ वर्षो के दौरान नक्सलवाद ने पहाड़ी व जंगली इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत बना ली है। पहाड़ी इलाकों में गुरिल्ला युद्ध को जारी रखना आसान होता है। भौगोलिक कारणों के अलावा सामाजिक और राजनीतिक कारण भी नक्सलवाद के विस्तार के लिए जिम्मेदार हैं।"

गुहा ने आगे कहा, "आदिवासियों के पास कोई राजनीतिक आवाज नहीं है। पहाड़ों और जंगलों में रहने वाले आदिवासी अपनी भूमि से बेदखल हो गए हैं और विकास परियोजनाओं के कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ा है।"

गुहा ने अंत में कहा, "इसलिए सबसे अच्छी बात यह है कि अपने भीतर शांति कायम करनी चाहिए और झगड़ों और विवादों को सुलझाने के उपाय तलाशने चाहिए। भारत को एक प्रमुख महाशक्ति बनने की कोशिश नही करनी चाहिए, बल्कि उसे असंतोष मुक्त देश बनने का प्रयास करना चाहिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more