बिहार में सूखे के आसार, किसान परेशान, सरकार मुश्तैद हुई (लीड-1)
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सोमवार को पटना में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बारिश नहीं होने से उत्पन्न समस्या पर विचार विमर्श किया गया। सरकार ने इस परिस्थिति से निपटने के लिए राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 'आपदा प्रबंधन समूह' के गठन का निर्णय लिया गया, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गांवों में कम से कम आठ घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि इसके पूर्व भी सूखे से निपटने के लिए राज्य सरकार किसानों को डीजल पर प्रति लीटर 15 रुपए अनुदान देने की घोषणा कर चुकी है।
राज्य के कई जिलों के किसान खेतों में डाले बिचड़े को किसी तरह अब तक जीवित रखे हैं परंतु पानी के अभाव में वे खेतों में धान की रोपनी नहीं कर पाए हैं। किसानों को अब यह भय सताने लगा है कि कहीं खेतों में डाली गई पूंजी और मेहनत बेकार ही न चली जाए।
औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड के किसान श्याम पांडेय बताते हैं कि किसानों ने तो किसी तरह धान की रोपनी के लिए खेत भी तैयार कर रखे हैं परंतु धान की रोपाई के लिए पानी की आवश्यकता है तभी धान की रोपनी हो सकती है। वे बताते हैं कि न तो नहर में पानी है और न ही खेत में।
सरकारी आंकड़ें भी बताते हैं कि इस वर्ष धान की रोपनी पिछले वर्ष से कम हुई हैे। राज्य के कृषि विभाग के उप निदेशक संजय कुमार बताते हैं कि पिछले वर्ष अब तक 30 प्रतिशत से अधिक खेतों में धान की रोपनी हो चुकी थी परंतु इस वर्ष अब तक सिर्फ नौ प्रतिशत खेतों में ही धान की रोपनी हो पाई है। उन्होंने इसका मुख्य कारण बारिश नहीं होना ही बताया।
हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि बिहार के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों में बारिश होने की संभावना है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अनिमेष चंद्रा ने सोमवार को बताया कि अगले 48 घंटे के भीतर राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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