मध्य प्रदेश में कन्याओं के कौमार्य परीक्षण का मामला राज्यसभा में गूंजा
राज्यसभा में कांग्रेस के संतोष बागरोदिया ने शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाया। उन्होंने इस बारे में अखबारों में छपी खबरों के चुनिंदा अंश पढ़कर सदन को सुनाए। विपक्षी सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई कि वह सिर्फ खबरों के चुनिंदा अशों को ही पढ़ रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एस. एस. अहलूवालिया ने बागरोदिया को बीच में ही टोकते हुए कहा, "आप सिर्फ चुनिंदा हिस्सों को ही क्यों पढ़ रहे हैं। आप सरकार का पक्ष क्यों नहीं पढ़ रहे हैं।"
अन्य सदस्यों ने अखबार की खबरों का हवाला देकर मुद्दा उठाए जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया। उपसभापति के. रहमान खान ने इस पर कहा कि सदन में उठाए जाने वाले 50 फीसदी से भी अधिक मामले अखबारों में छपी खबरों के आधार पर उठाए जाते हैं।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत गत 30 जून को सामूहिक विवाह का आयोजिन किया गया था। इस आयोजन से ठीक पहले 152 कन्याओं का कौमार्य परीक्षण कराया गया। इसमें पाया गया कि 14 कन्याएं गर्भवती हैं। बाद में 138 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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