गुटनिरपेक्ष आंदोलन को मजबूत बनाएंगे : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने यह बात फ्रांस और मिस्र की यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी बयान में कही।
प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान मिस्र के शर्म अल-शेख में गुटनिरपेक्ष आंदोलन के 15 वें शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से भी मुलाकात करने वाले हैं।
दोनों नेताओं की इस बैठक से पहले दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच बातचीत होगी। इस बातचीत पर सभी नजर रहेगी क्योंकि इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच समग्र वार्ता की दोबारा शुरुआत हो सकती है।
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। उन्होंने कहा, "फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना भारत की जनता के लिए सम्मान की बात है।"
भारत और फ्रांस के बीच व्यापक रणनीतिक भागीदारी का हवाला देते हुए सिंह ने कहा, "हम व्यापार और निवेश, उच्च प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ाना चाहेंगे।"
प्रधानमंत्री पेरिस से मंगलवार शाम शर्म अल-शेख रवाना होंगे। रवानगी से पहले जारी बयान में सिंह ने शीतयुद्ध के बाद से दौर में गुटनिरपेक्ष आंदोलन की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत इसे मजबूती प्रदान करने में भूमिका निभाएगा।
सिह ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय से ही गुटनिरपेक्ष आंदोलन भारतीय विदेश नीति का आधार रहा है। उन्होंने कहा, "गुटनिरपेक्ष आंदोलन का वैविध्य और सार्वभौमिकता वर्तमान चुनौतियों से निपटने का अनूठा अवसर उपलब्ध कराती हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत, गुटनिरपेक्ष आंदोलन को उसका उच्च नैतिक आधार फिर दिलाने में सहायता करेगा ताकि वह विकासशील देशों के समक्ष आ रही समस्याओं या सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद और अंतर्राष्ट्रीय शासन प्रणाली के ढांचे में सुधार जैसे मसलों को सुलझा सके। "
गिलानी के अलावा प्रधानमंत्री बांग्लादेश, मिस्र, नेपाल, श्रीलंका और वियतनाम के नेताओं से भी मिलेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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