जोधपुर में जल जमाव का अध्ययन होगा : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री आज मुख्यमंत्री कार्यालय में पेयजल एवं सिंचाई के संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। गहलोत ने कहा कि गिरता भू-जल स्तर और मानसून की देरी के कारण पानी की समस्या गंभीर है। उन्होंने कहा कि जनता को पानी देने में सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं आने दी जाए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से वर्ष 2002-03 में अकाल का शानदार प्रबंधन किया गया था उसी तरह से जल समस्या के समाधान के लिए जल प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में जोधपुर शहर में जल जमाव की समस्या पर विचार-विमर्श के दौरान यह बताया गया कि इसका अध्ययन करने के लिए राष्ट्रीय भू-भौतिकी अनुसंधान संस्थान हैदराबाद और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की से सम्पर्क बनाया हुआ है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह निर्णय हुआ कि इन संस्थानों के प्रतिनिधियों को इसी माह जोधपुर बुलाकर राज्य सरकार के साथ समझौता किया जाये। ये संस्थान जोधपुर में जल जमाव की समस्या का अध्ययन कर राज्य सरकार को उपाय सुझाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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