नक्सली हमले में एसपी समेत 29 पुलिसकर्मी शहीद (राउंडअप)
हमला यहां से 200 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से लगी सीमा के मैनपुर इलाके में हुआ।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गिरधारी नायक ने आईएएनएस को बताया कि जिला बल (डीएफ) और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के जवान राजनांदगांव के घने जंगलों में नक्सलियों की लगाई घात में घिर गए। इस हमले में 25 जवान शहीद हो गए।
हमले में राजनांदगांव के जिला पुलिस अधीक्षक बिनोद कुमार चौबे भी शहीद हो गए। छत्तीसगढ़ के तीन दशक के नक्सल उग्रवाद में ऐसा पहली बार है जब कोई पुलिस अधीक्षक शहीद हुआ हो।
राजनांदगांव के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "नक्सल समूह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के करीब 200 सशस्त्र कार्यकर्ताओं ने पहले 100 पुलिसकर्मियों वाले एसपी के काफिले पर बारूदी सुरंग विस्फोट के जरिये हमला किया और फिर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।"
अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने जवाबी गोलीबारी की लेकिन पीएलजीए के सशस्त्र विद्रोही उन पर हावी हो गए। इसके बाद नक्सली शहीद पुलिसकर्मियों के हथियार लेकर फरार हो गए।
निर्भीक पुलिस अधिकारी की छवि वाले चौबे के शहीद होने की खबर से पुलिस महकमा स्तब्ध है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन और गृह मंत्री ननकीराम कंवर समेत आला अधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं।
घायलों को राजनांदगांव जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों को हेलीकाप्टर के जरिये रायपुर लाया गया है।
मुख्यमंत्री रमन सिंह ने हमले के बाद रविवार दोपहर की अपनी तय नागपुर यात्रा को रद्द कर दिया और घायल पुलिसकर्मियों के बचाव के लिए गृह विभाग से हेलीकाप्टर भेजने को कहा है।
छत्तीसगढ़ की विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने रमन सिंह सरकार पर नक्सलियों से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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