मुंबई हमले के मामले में आईएसआई के रुख के पीछे का संदेश
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा था कि पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने हाल में आईएसआई के प्रमुख अहमद शुजा पाशा से इस संदर्भ में मुलाकात की थी।
प्रधानमंत्री ने इटली के ल'अक्वि ला में आयोजित जी8-जी5 शिखर सम्मेलन से लौटते हुए रास्ते में मीडिया कर्मियों को बताया, "पाकिस्तान स्थित हमारे उच्चायुक्त ने आईएसआई प्रमुख और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से बात की थी। हमें आशा है कि वे मुंबई हमले के दोषियों को दंडित करने के लिए आगे आएंगे।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "वे मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ क्या कर रहे हैं, उसके बारे में उन्होंने हमें कुछ जानकारी दी है। मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी है।"
बताया गया है कि पाशा ने हाल में इस्लामाबाद में अन्य भारतीय अधिकारियों से भी मुलाकात की है।
पाकिस्तान में भारत के पूर्व राजदूत सतीश चंद्र ने आईएएनएस से कहा, "इस तरह की मुलाकात पहली बार हुई है। आईएसआई का महानिदेशक आमतौर पर भारतीय उच्चायुक्त या भारतीय दूतावास से संबद्ध रक्षा अधिकारियों से मुलाकात नहीं करता।"
आईएसआई प्रमुख और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के साथ भारतीय उच्चायुक्त की इस मुलाकात को कुछ लोग भारत व पाकिस्तान के बीच पिछले दरवाजे की कूटनीति बताते हैं। क्योंकि दोनों देशों के नेता और शीर्ष अधिकारी मिस्र के शरम-अल-शेख शहर में इस सप्ताह होने वाले गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नाम) के शिखर सम्मेलन के मौके पर मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं।
जब चंद्रा से इस मुलाकात के महत्व के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सच्चाई यह भी है कि आईएसआई प्रमुख की भारतीय रक्षा अधिकारियों के साथ मुलाकात को पाकिस्तान के साथ बातचीत बहाली के एक बहाने के रूप में भी देखा जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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