माकपा पोलित ब्यूरो से हटाए गए अच्युतानंदन (राउंडअप)
केरल इकाई में वरिष्ठ नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए नई दिल्ली में दो दिनों तक चली पार्टी की केंद्रीय समिति में पार्टी ने केरल राज्य इकाई के सचिव पिनराई विजयन का पक्ष लिया है।
बैठक के बाद पार्टी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि विजयन भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में संलिप्त नहीं हैं। पार्टी उनके खिलाफ लगे आरोपों का राजनीतिक और कानूनी तरीके से सामना करने को तैयार है।
बयान में केरल इकाई में जारी विवाद को भी स्वीकार किया गया और कहा गया कि राज्य समिति को पूरी पार्टी को एकजुट बनाए रखना चाहिए।
एसएनसी लवलीन मामले में विजयन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में अच्युतानंदन द्वारा की गई टिप्पणी को पार्टी ने अनुशासनहीनता करार देते हुए कहा, "पार्टी को उम्मीद है कि कॉमरेड अच्युतानंदन बतौर मुख्यमंत्री और राज्य में पार्टी के नेता के रूप में जिम्मेदारियों का निर्वाह करेंगे।"
बयान के मुताबिक, "अच्युतानंदन द्वारा किए गए संगठनात्मक सिद्धांतों और अनुशासन के उल्लंघन को देखते हुए उन्हें पोलित ब्यूरो से बाहर किए जाने का फैसला किया गया है।"
बयान में कहा गया कि पार्टी ने एसएनसी लवलीन मामले में पोलित ब्यूरो को सौंपी गई रिपोर्ट की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि विजयन दोषी नहीं हैं। पार्टी उनके इस मामले का राजनीतिक और कानूनी तरीके से सामना करेगी।
पिछले दिनों इसी सिलसिले में हुई पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक में अच्युतानंदन ने विजयन को राज्य सचिव के पद से हटाए जाने की मांग की थी जबकि विजयन समर्थकों ने मुख्यमंत्री पर अनुशासन तोड़ने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी।
राज्य इकाई में मतभेद और बढ़ने के आसार :
उधर पार्टी के इस फैसले से राज्य इकाई में मतभेद और बढ़ने के आसार प्रबल हो गए हैं। मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन को पार्टी की पोलित ब्यूरो से हटाए जाने के फैसले से उनके विरोधी भले ही खुश हो रहे हों लेकिन अच्युतानंदन समर्थकों ने खुलेआम उनके समर्थन में बयानबाजी आरंभ कर दी है।
पार्टी की केंद्रीय समिति के फैसले के बाद राज्य के कई शहरों में ऐसे पोस्टर देखे गए जिनमें लिखा था, "वी. एस. आप सही हो और हम आपके साथ हैं।"
राज्य के ऊर्जा मंत्री ए. के. बालन ने केंद्रीय समिति के फैसले को गलती सुधारने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा, "यह उत्तम फैसला है। अच्युतानंदन इस फैसले को स्वीकार कर लेंगे और कुछ नहीं करेंगे।"
माकपा की राज्य समिति के सदस्य एम. एम. लॉरेंस ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि अच्युतानंदन पार्टी के फैसले को मानने को बाध्य होंगे।"
लवलीन मामले में अपने रुख पर कायम हूं : अच्युतानंदन
केरल के मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन ने रविवार को कहा कि 374 करोड़ रुपये के कथित एसएनसी लवलीन घोटाला मामले में वह अपने रुख पर कायम हैं। इस घोटाले में पार्टी की राज्य इकाई के सचिव पिनराई विजयन आरोपी हैं।
केरल के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा में अच्युतानंदन ने कहा, "केंद्रीय समिति का फैसला मुझे मंजूर है।" हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के सवाल को टाल दिया और उसका कोई जवाब नहीं दिया।
यह पूछे जाने पर कि केरल की जनता के लिए आप कोई संदेश देना चाहेंगे तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, "नहीं"।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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