माकपा पोलित ब्यूरो से हटाए गए अच्युतानंदन (लीड-2)
पार्टी ने इस मामले में केरल राज्य इकाई के सचिव पिनराई विजयन का पक्ष लिया है।
बैठक के बाद पार्टी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि विजयन भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में संलिप्त नहीं हैं। पार्टी उनके खिलाफ लगे आरोपों का राजनीतिक और कानूनी तरीके से सामना करने को तैयार है।
बयान में केरल इकाई में जारी विवाद को भी स्वीकार किया गया और कहा गया कि राज्य समिति को पूरी पार्टी को एकजुट बनाए रखना चाहिए।
एसएनसी लवलीन मामले में विजयन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में अच्युतानंदन द्वारा की गई टिप्पणी को पार्टी ने अनुशासनहीनता करार देते हुए कहा, "पार्टी को उम्मीद है कि कॉमरेड अच्युतानंदन बतौर मुख्यमंत्री और राज्य में पार्टी के नेता के रूप में जिम्मेदारियों का निर्वाह करेंगे।"
बयान के मुताबिक, "अच्युतानंदन द्वारा किए गए संगठनात्मक सिद्धांतों और अनुशासन के उल्लंघन को देखते हुए उन्हें पोलित ब्यूरो से बाहर किए जाने का फैसला किया गया है।"
बयान में कहा गया कि पार्टी ने एसएनसी लवलीन मामले में पोलित ब्यूरो को सौंपी गई रिपोर्ट की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि विजयन दोषी नहीं हैं। पार्टी उनके इस मामले का राजनीतिक और कानूनी तरीके से सामना करेगी।
पिछले दिनों इसी सिलसिले में हुई पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक में अच्युतानंदन ने विजयन को राज्य सचिव के पद से हटाए जाने की मांग की थी जबकि विजयन समर्थकों ने मुख्यमंत्री पर अनुशासन तोड़ने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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