शोपियां कांड: न्यायिक आयोग की रिपोर्ट परिजनों को अस्वीकार
पीड़िता निलोफर जान और आसिया जान के परिजनों ने एकसदस्यीय सेवानिवृत न्यायाधीश मुजफ्फर जान आयोग की रिपोर्ट को पीड़ितों का चरित्र हनन करने वाला करार दिया है। शुक्रवार को यह रिपोर्ट सार्वजनिक की गई थी।
परिजनों का कहना है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह कहकर पीड़ित युवतियों का चरित्र हनन किया है कि निलोफर के पति के चरित्र और इस मामले में उनकी संलिप्तता की जांच होनी चाहिए।
परिजनों ने न्यायमूर्ति जान के खिलाफ भी कार्रवाई की धमकी दी है।
इस बीच, शोपियां प्रदर्शन समिति ने भी ने भी आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। शोपियां कांड के बाद गठित की गई इस समिति ने रिपोर्ट को मामले को दबाने का प्रयास बताया है।
कश्मीर बार एसोसिएशन ने जान आयोग की रिपोर्ट को किचन रिपोर्ट बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां कयूम ने एक बयान जारी कर कहा कि आयोग ने पीड़ितों के परिजनों के चरित्र पर ऊंगली उठाई है। यह आयोग की जांच का बिन्दु ही नहीं था। रिपोर्ट में दोषियों की पहचान नहीं की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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