मप्र में पकड़े गए 3 लाख से अधिक बिजली चोर
प्रदेश में बिजली वितरण की जिम्मेदारी तीन कंपनियों पर है। इनमें से पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर पर 20 जिलों, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर पर 14 जिलों और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल पर 16 जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
विधानसभा में विधायक डॉ़ प्रभु राम चौधरी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में ऊर्जा मंत्री अनूप मिश्रा ने बताया है कि मार्च 2009 तक बिजली चोरी के कुल 303,795 प्रकरण दर्ज किए गए है। इनमें से 134, 842 ही न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। जिन प्रकरणों की सुनवाई हुई, उनमें 162 लोगों को सजा हुई।
ऊर्जा मंत्री द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार बिजली चोरी के पकड़े गए प्रकरणों में प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर सबसे आगे रही है। वहां कुल 31, 014 बिजली चोरी के मामले दर्ज हुए है। वहीं इस क्रम में ग्वालियर दूसरे नंबर पर है, जहां 25,173 बिजली चोरी के मामले दर्ज हुए। उज्जैन में 17,053 और प्रदेश की राजधानी भोपाल में 10, 502 चोरी के मामले दर्ज किए गए।
न्यायालय तक पहुंचे मामलों में 162 लोगों को सजा हुई है। इसमें गुना अव्वल है, जहां 25 लोगों को बिजली चोरी करने पर सजा मिली है। इसके अलावा छतरपुर में 21 शिवपुरी में 19, अशोक नगर में 15 को न्यायालय ने दंडित किया है।
एक अन्य सवाल के जवाब में ऊर्जा मंत्री ने बताया कि जून 2004 से 31 मई 2009 तक कुल 75 किसानों के खिलाफ बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। छह किसानों को जेल भेजा गया है और तीन आरोपियों को सजा भी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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