आधारभूत ढांचे पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति
शनिवार को एक सरकारी बयान में कहा गया कि समिति आधारभूत ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं के कार्यान्वयन को तेज करेगी और सरकार के आदेश के अनुसार उनके प्रदर्शन पर निगाह रखेगी।
समिति में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी,कृषि मंत्री शरद पवार,रेल मंत्री ममता बनर्जी,ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे, अक्षय ऊर्जा मंत्री फारुक अब्दुल्ला और शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी शामिल हैं।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया,विज्ञान और तकनीकी मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण तथा नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल को समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
समिति निम्नलिखित कार्यो को देखेगी :
-150 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों पर निर्णय लेना।
-ऊर्जा,रेलवे,राजमार्ग,हवाई अड्डों,टेलीकॉम,आईटी,सिंचाई,आवास क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना।
-ग्रामीण आवासों का विकास और शहरों से झुग्गियों के उन्मूलन पर विशेष ध्यान देना।
-वित्तीय,संस्थागत और कानूनी जरूरतों से निपटने के उपाय करना।
-विशेष परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्र के निवेश को मंजूरी देना।
-आधारभूत ढांचा के सभी क्षेत्रों के लिए वार्षिक लक्ष्य तय करना।
-आधारभूत ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना।
सड़क परिवहन मंत्री कमलनाथ, संचार मंत्री ए.राजा, ग्रामीण विकास मंत्री सी.पी.जोशी, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री कुमारी शैलजा, जहाजरानी मंत्री जी.के.वासन और संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल समिति के अन्य सदस्य हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications