मानसून में देरी से उत्तर भारत में गंभीर समस्या : पवार (लीड-1)
कृषि मंत्री शरद पवार ने प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में कहा, "यह सच है कि मानसून में देरी को लेकर पूरा देश, खासतौर से विदर्भ चिंतित है।"
पवार ने कहा, "प्राप्त हो रही सूचनाओं के मुताबिक पिछले सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह कुछ इलाकों में हालात सुधारे हैं। लेकिन पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार व हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में वास्तव में गंभीर समस्या है।"
पवार ने कहा, "इन क्षेत्रों में ज्यादा गंभीर समस्या है। हालांकि समस्या पूरे देश में गंभीर है, लेकिन इन क्षेत्रों में कुछ ज्यादा ही गंभीर समस्या है।"
पवार ने स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा तैयार की गईं दो आपात योजनाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "एक योजना आमतौर पर मानसून के पहले तैयार की गई है। इस योजना के तहत हम सभी राज्यों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक मुहैया कराते हैं। इस योजना का कार्य पूरा हो चुका है। दूसरी आपात योजना बुवाई पूरी होने के बाद के लिए बनाई गई है।"
पवार ने कहा, "मान लीजिए कि बारिश नहीं हुई। तो ऐसी स्थिति में किसानों को दूसरी बार बुवाई करनी पड़ेगी। इस कारण हमें अतिरिक्त बीज की जरूरत होगी। हमने अतिरिक्त बीज की व्यवस्था कर रखी है।"
देश के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक इस वर्ष के मानसून के दौरान मौसमी बारिश दीर्घकालिक औसत से 43 प्रतिशत नीचे है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications