उपहार त्रासदी के पीड़ित परिजन राष्ट्रपति से मिले
उपहार त्रासदी के पीड़ितों के एसोसिएशन की संयोजक नीलम कृष्णमूर्ति ने कहा कि उपहार त्रासदी के 12 वर्षों के बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा के उपाय नजर नहीं आते। हमने राष्ट्रपति के समक्ष एक याचिका दायर कर राष्ट्रीय लोक सुरक्षा आयोग की मांग की है।
राष्ट्रपति ने उपहार पीड़ितों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांग को अवलोकन के लिए विधि मंत्रालय को भेजेंगी।
दायर की गई याचिका के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा के मानक तय करने के लिए कानून होना चाहिए और इसके उल्लंघन पर कठोर सजा का प्रावधान होना चाहिए।
इस तरह का आयोग कनाडा, ब्रिटेन, जापान और दक्षिण कोरिया में पहले से विद्यमान है।
उल्लेखनीय है कि 13 जून 1997 को हिंदी फिल्म के प्रदर्शन के दौरान उपहार सिनेमा हाल में आग की लपटें फैल गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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