मध्य प्रदेश में बजट पेश, दवाएं और अन्य उपभोक्ता वस्तुएं महंगी होगी
राज्य के वित्त मंत्री राघवजी ने शुक्रवार को विधानसभा में वर्ष 2009-10 का 6,436 करोड़ रुपये के घाटे का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की अनुसूची दो में शामिल वस्तुओं (उपभोक्ता वस्तुएं, खाद्य तेल, दवाएं आदि) पर लगने वाले वैट की दर चार से बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है। इससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
इसके अलावा टेलीफोन उपकरण और सेलफोन पर लगने वाले वैट की दर को चार से बढाकर 12.़5 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है। इससे राज्य सरकार को 50 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इसी तरह मोटरसाइकिल और कारों पर लागू होने वाले जीवनकाल कर की दर में दो प्रतिशत का इजाफा किया गया है। इस तरह यह कर बढ़कर पांच से सात प्रतिशत हो गया है।
मध्य प्रदेश में अब तक बीड़ी वैट से मुक्त थी। परंतु अब राज्य सरकार इस पर भी पांच प्रतिशत की दर से वैट लागू करने जा रही है। इससे राज्य सरकार को 18 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी होगी। विश्व व्यापार में मंदी के प्रभाव को देखते हुए चमड़े के वस्त्र एवं खिलौना निर्माण करने वाले उद्योगों को सरकार ने कुछ राहत दी है। चमड़े पर लागू प्रवेश कर को खत्म कर दिया गया है। इसी तरह कपास बीज को प्रवेश कर से मुक्त किया गया है।
सिनेमा घरों में प्रदर्शित होने वाली फिल्मों पर मनोरंजन शुल्क को घटाकर 20 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है। गौशाला के लिए दान में दी जाने वाली कृषि भूमि पर स्टॉम्प शुल्क माफ किया जाना प्रस्तावित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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