समलैंगिकताः हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

सुरेश ने अपनी याचिका में कहा है कि समलैंगिक संबंधो से एड्स फैलने का खतरा अधिक रहता है और एचआईवी वायरस भी असुरक्षित यौन संबंधों का ही नतीजा है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार धारा 377 गलत है, जिसमें एक ही सेक्स के लोगों के बीच संबंधो को गैरकानूनी करार दिया गया है।
वहीं योग गुरु बाबा रामदेव ने भी समलैंगिक संबंधों को मंज़ूरी दिए जाने के फैसले का विरोध किया है। बुधवार को अमृतसर में अकाल तख्त की बैठक में भी इस फैसले का विरोध करते हुए कहा गया कि गुरुद्वारों में समलैंगिक शादियां नहीं होगी। देशभर के गुरुद्वारों को फरमान जारी किया गया है कि गुरुद्वारे ऐसी शादियां न कराएं।
दूसरी ओर 'गे' कहते हैं कि समलैंगिक संबंध पूरी तरह से कुदरती है और इसे अपराध नहीं समझा जाना चाहिए। फिलहाल समलैंगिक संबंधो को कानूनी मान्यता नहीं मिली है।


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