महंगाई दर शून्य से 1.55 फीसदी नीचे

मुद्रा स्फीति के दर का शून्य से नीचे चले जाने पर कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है, वहीं योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि नकारात्मक दायरे में आई मुद्रास्फीति चिंता का विषय नहीं है।
केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक सन 1995 में थोक मूल्य सूचकांक की शुरुआत के बाद गत छह जून को पहली बार मुद्रास्फीति की दर ऋणात्मक हुई थी। इससे पहले यह दर सन 1977 में ऋणात्मक हुई थी। मोंटेक ने कहा कि कुछ और समय तक मुद्रास्फीति के शून्य से नीचे बने रहने की आशंका है।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष सुरेश तेंदुलकर ने कहा कि नकारात्मक मुद्रास्फीति अस्थाई घटनाक्रम है और ऐसा यह मुख्य तौर पर बेस इफेक्ट के कारण हुआ।


Click it and Unblock the Notifications