नेपाल में डयारिया से 100 से अधिक मरे
नेपाल की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था इंफॉरमल सेक्टर सर्विस सेंटर (आईएनएसईसी) ने गुरुवार को कहा कि बीमारी की शुरुआत पश्चिमी नेपाल के जिले जाजरकोट से हुई थी और अब इसने महामारी का रूप धारण कर लिया है। बीमारी अब तीन और नजदीकी जिलों सालयान, दालेख और सुखेत में फैल चुकी है।
संस्था के मुताबिक अकेले जारकोट में ही डायरिया से 88 लोगों की जान जा चुकी है। अन्य तीन जिलों में भी 10 लोग इस बीमारी का शिकार होकर मौत के शिकार हो चुके हैं।
नेपाल के सबसे बड़े दैनिक समाचार पत्र कांतिपुर ने पहाड़ी जिले रुकुम में भी बीमारी के फैलने की बात कही है। पत्र के मुताबिक बुधवार को रुकुम में इस बीमारी से आठ लोगों की मौत हो गई।
उल्लेखनीय है कि नेपाल के दूरवर्ती जिलों में दूषित जल, सफाई और दवाओं की कमी जैसे कारणों के कारण हर वर्ष वर्षा ऋतु में यह बीमारी फैलती है।
वर्ष 2007 में नेपाल में डायरिया से 250 लोगों की मौत हुई थी और करीब 35,000 लोग इससे प्रभावित हुए थे। वर्ष 2008 के आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं लेकिन इनके अपेक्षाकृत और ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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