इंद्र देव को मनाने के लिए गोबर की होली
एक ग्रामीण सोनतारा ने आईएएनएस को बताया कि इस गांव की यह बहुत पुरानी परंपरा है कि जब भी बारिश नहीं होती तो ग्रामीण इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए गोबर की होली खेलते हैं।
उन्होंने बताया कि इस होली को गांव के सभी लोग मिलकर खेलते हैं लेकिन ज्यादा भागीदारी युवतियों की होती है। ऐसी मान्यता है कि युवतियों के होली खेलने से इंद्र जल्दी खुश हो जाते हैं और फिर अच्छी बारिश करते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक होली खेलने की शुरुआत पूजा से होती है। महिलाएं गोबर की टोकरियों को चारों तरफ से घेरकर पूजा-अर्चना करती हैं। उसके बाद गोबर की टोकरियों को अपने सर के ऊपर रखकर एक दूसरे पर गोबर फेंककर होली खेलती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 6 जुलाई तक प्रदेश के हर जिले में औसतन 44.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में स्थिति दयनीय है। वहां सामान्य से 76 फीसदी कम बारिश हुई है।
मौसम विभाग के निदेशक जे.पी.गुप्ता ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि मानसून फिर से सक्रिय हो रहा है। उम्मीद है कि अगले पांच-छह दिनों में मानसून सूबे के हर हिस्से में पहुंच जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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