आतंकियों के सैटेलाइट फोन में उलझा भारत

घुसपैठ का पता लगाना कठिन हुआ
असल में भारत और पाकिस्तान को विभाजित करने वाली नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पूरे क्षेत्र में ट्रांसमीटर स्थापित किए गए हैं, इससे आतंकवादियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले थुराया सेटेलाइट फोन के सिग्नल मिलने बंद हो गए हैं।
भारत को संदेह है कि ये ट्रांसमीटर पाकिस्तान के रणनीतिक सहयोग के बिना स्थापित करना संभव नहीं है। इससे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को थुराया सेटेलाइट फोन के सिग्नलों के सहारे घुसपैठ का पता लगाना कठिन हो गया है। ऐसे ही सैटेलाइट फोन के सहारे मुंबई हमले के दौरान भी आतंकवादियों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी।
पाक के समक्ष उठाएंगे मामला
भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की अगले सप्ताह मिस्र में होने वाली बैठक से पहले भारत ने बुधवार को कहा है कि वह आतंकवादियों सहित मुंबई हमलों के सूत्रधारों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सेटेलाइट फोन के छद्म रूपों का मामला पाकिस्तान के समक्ष उठाएगा।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा, "हमें या पाकिस्तान को परेशानी होने पर हम हमेशा पारस्परिक रूप से मुद्दों को उठाते हैं।" आतंकवादियों की गतिविधियों का पता लगाने को कठिन बनाने के लिए उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले थुराया सेटेलाइट फोन के पाकिस्तान द्वारा छद्म संस्करण तैयार करने संबंधी खबरों पर टिप्पणी करते हुए कृष्णा ने यह बात कही। कृष्णा ने कहा कि पाकिस्तान जो भी करता है, भारत उस पर बारीकी से नजर रखता है।


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