नेता प्रतिपक्ष के आरोप से विधानसभा अध्यक्ष आहत हुए
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी सिंगरौली में बारूद फैक्ट्रियों में हुए विस्फोट पर स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने की मांग को लेकर अपना वक्तव्य दे रही थी। तब उन्होंने सरकार और प्रशासन के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग किया जो संसदीय परंपरा के अनुरूप नहीं था। अध्यक्ष ने उसे विलोपित करने का निर्देश दिया। इस पर जमुना देवी ने अध्यक्ष पर ही आक्षेप लगा दिया कि वे अपनी मर्जी से जो चाहें विलोपित कर देते हैं। रोहाणी पर उन्होंने भाजपा सरकार का बचाव करने का आरोप भी लगा डाला।
जमुना देवी की इस टिप्पणी से विधानसभा अध्यक्ष रोहाणी व्यथित हो उठे और उन्होंने कहा कि वे दूसरी बार यह जिम्मेदारी निभा रहे है और उन्होंने हमेशा निष्पक्षता से सदन चलाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जमुना देवी ने उनकी निष्पक्षता पर जो आक्षेप किया है उससे वे काफ आहत हुए हैं। रोहाणी ने कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी तब वे विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे हैं। उस दौर में उनकी कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की कांग्रेस सरकार ने भी कई बार सराहना की है। रोहाणी ने कहा कि वे सदन को अपनी मर्जी से नहीं परंपराओं और नियमों के मुताबिक चलाते हैं।
बाद में जमुना देवी ने कहा कि उनकी मंशा विधानसभा अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठाने की कतई नहीं थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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